Author Topic: बहुत मुश्किल था उससे पीछा छुड़ाना!  (Read 51 times)

Offline Shraddha R. Chandangir

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"बहुत मुश्किल था यार उससे पीछा छुड़ाना! बड़ा परेशान कर रखा था उसने!!"

"हमममम!!"

"बड़े अजीब होते हैं कुछ लोग!!"

"हमममम!!"

"क्या हममम हममम लगा रखा है?? 😠 खैर तुझे क्या पता कोई इस तरह से पीछे पड़ जाएँ तो कैसे feel होता हैं! 😡😐

"क्यूँ नहीं पता होगा? बिलकुल पता हैं!"

"अच्छा?? तो तेरे पीछे भी कोई था क्या?"

"था एक ज़माने में! लेकिन अब नहीं हैं!"

"ओहहहह!! तो कौन था वो!?" और कैसे पीछा छुड़ाया तुने??"

" परेशान होगई थी मैं उससे! मैं जहाँ भी जाती थी, वो हर वक्त मेरे पीछे रहता था! जेहन पर भी हावी हो गया था वो!"

"तो फिर????"

"तो फिर एक दिन मैंने उसे स्विकार कर लिया!"☺

"क्या??? 😯😯 किसी से पीछा छुड़ाने का ये कैसा हल हुआ?"😮

"उससे पीछा छुड़ाने का यही हल था! इसलिए मैंने उसे स्विकार कर लिया, और फिर उसने भी मेरा पीछा छोड़ दिया!"

"अरे पर वो हैं कौन??" 😯

"मेरा अतीत!!!!!!!"

~ श्रद्धा

Marathi Kavita : मराठी कविता


 

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