Author Topic: जिंदगी मिठास है | (हिंदी कवितासंग्रह: गीतगुंजन, कवी: सचिन निकम)  (Read 339 times)

Offline sachinikam

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 215
  • Gender: Male

जिंदगी मिठास है | (हिंदी कवितासंग्रह: गीतगुंजन, कवी: सचिन निकम)

यारोंके संग जिंदगी कुछ खास है
क्यों डरना जमानेसे हम बिंदास है
मत रहना तुम गुमसुम हम पास है
आजमाले इतना जितनी प्यास है
दिल चाहे वो करना खुला आकाश है
होगी खुशियोंकी बारिश जिसकी तलाश है
जागी नयी उम्मीदे नयी आस है
नयी नयी उमंगें नया एहसास है
दिल खुश रहे वो कर जो रास है
पल पलको चखले जिंदगी मिठास है |


 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
Type the letters shown in the picture
Listen to the letters / Request another image
Type the letters shown in the picture:
अकरा गुणिले दोन किती ?  (answer in English number):