Author Topic: मेरा आशियाना...  (Read 472 times)

Offline shardul

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मेरा आशियाना...
« on: February 10, 2016, 11:39:55 PM »

मेरा आशियाना...
दोस्तो मेरी डायरी 'आशियाना'कि एक गझल.
"आईना है या तेरी आँखे है"
आईना है या
तेरी आँखें है
न जाने इन में छुपी
क्या क्या बातें हैं
आईना है या
तेरी आँखें है.....
बैठे के अक्सर
तनहा खामोशी में
करती मुझसे युही
रोज मुलाकाते है
आईना है या
तेरी आँखें है.....
डुबके तेरी इन
शराबी आँखो मे
कटती मेरी सभी
अधुरी राते है
आईना है या
तेरी आँखें है.....
तमाम लब्जो कि
अब तुझे जरुरत नही
आँखो से करती बयाँ
सारी बाते है
आईना है या
तेरी आँखें है.....
अब तो ये खुदा
तुही सभांल मुझे
आँखो मे अटकी पडी
मेरी साँसे है
आईना है या
तेरी आँखें है.....
-सारंग राऊत
( आशियाना )
२८/१०/२०१५

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