Author Topic: जयश्रीकृष्णा  (Read 289 times)

जयश्रीकृष्णा
« on: October 27, 2017, 09:33:08 AM »
शाम तेरी बासुरीया सब जग बिसराये
तेरे रंगमे जीवन सारा रंग गयो
मधुर धुन सुनके वो जीवन धन्य हो गयो
शाम तेरी सुरत मनमें मुस्कुराये

Marathi Kavita : मराठी कविता