Author Topic: अकेले आये अकेले जाना है  (Read 97 times)

Offline sneha31

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अकेले आये थे अकेले ही जाना है
तो अकेले जिने मे क्या गम है
मतलबी है ये दुनिया काम से काम निकालते गये
हम ही बेवकुफ थे जो उनपर भरोसा करते गये

समय के साथ साथ  सब बदलते चले गये
हम सबको अपना बनाकर खुद्द को भूल गये
सब लोगोने जब दिखाये असली चेहरे
तब समझ आये असली शतरंज के मोहरे

अपणो ने ही खोदे अपणो के लिये गड्डे
जलन की भावना से दूर चले गये रिषते
पैसे कामाने के चक्कर मे अपणो को भूल गये
समय के साथ अपने ही अपणो के दुश्मन बन गये

स्नेहा माटूरकर
« Last Edit: May 25, 2018, 04:40:37 PM by sneha31 »