Author Topic: परदेस  (Read 252 times)

परदेस
« on: June 18, 2018, 12:32:20 PM »
साजन हैं परदेस
ना खबर, ना रस्ता
कैसे बुलाये उन्हें
कैसे भेजे संदेस

अकेला छोड़ा इस देस
दिल तोड गये
छलियेसे प्यार किया
दिल को लग गयी ठेस

उनको रहना था परदेस
बहाने बनाकर चले गये
रहे जहाँ खुशी हो वहां
 हमें तो रहना है उदास

अखियों में पानी, है आस
समझेंगे वो मेरा प्यार
मन में हे वो सूरत
अपना माना, है वो खास

क्यो मिले, जाना था परदेस
प्यार उनका झूठा था
विरह मेरे नसीब में
साजन हैं परदेस



Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline Panscola

  • Newbie
  • *
  • Posts: 2
    • แทงบอลเว็บไหนดี
Re: परदेस
« Reply #1 on: June 20, 2018, 09:21:25 AM »
This site is a great site with lots of knowledge for me to learn.