Author Topic: मैं  (Read 109 times)

Offline sanjweli

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मैं
« on: July 13, 2018, 12:24:55 AM »
"बेकौफ हूँ इतना
 डर है ना अब किसीका
मै हूँ वही आईना
जो सुरत सबकी जानता"

मुसाफीर हूँ मै अंजाना
अपनोसे से भी हूँ बेगाना
मै हूँ वही चंदा
जो हर रातको है निकलता

मंझिल का है पता
फिर भी राही धुंड रहा है रास्ता
मै हूँ वही आग का गोला
जो नीले आसमाँमे है दिखता

हर चीजमें नामोनिशान मेरा
सबसे है मेरा वास्ता
मै हूँ  वही रब सबका
जो रखवाला है सारी दुनियाका."

©महेंद्र विठ्ठलराव गांगर्डे
©sanjweli
९४२२९०९१४३

Marathi Kavita : मराठी कविता


 

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