Author Topic: मिठी यादे  (Read 321 times)

Offline Shubham Surjuse

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मिठी यादे
« on: July 16, 2018, 11:48:01 PM »
*मीठी यादे*


बचपन की वो मीठी यादे
स्कूल के बाद मिलने के वादे
आज बीते दिनों पर मुस्कुराता हूं
नेक थे तब जीने के इरादे।।

वो दिनभर उधम मचाना
दिवाली में पटाखे जलाना
दुनिया की भागदौड़ से दूर
अपनी अलग ही दुनिया सजाना।।

आज जिंदा हूं
जी रहा हूं
इन्ही के सहारे
टिका हुआ हूं।।

कुछ यादो को भूल गया
कुछ को भुला दिया
पर सही मायनों में
जीवन को तब ही जिया।।

आजतक कही लोगे से हाथ छुटे
कितने ही प्यारे हमसे टूटे
लेकिन ये सब बातें
यादो में ही रहेगी समेटे।।

                                              ~इतिशुभम

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