Author Topic: मुश्किल था बेचैनी से किनारा करना...  (Read 55 times)

Offline Shraddha R. Chandangir

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मुश्किल था बेचैनी से किनारा करना
सो सीख लिया इसी में ग़ुज़ारा करना।

बुलंदी पे चढ़कर, नतीजा ये निकला
कि तमाम चेहरों को तुम उतारा करना।

शराफत के अपने, कुछ उसूल है जाना
मुश्किल है नज़ारों का नज़ारा करना।

गंवा  कर उसको, ये  जाना है  मैंने
नामुमकिन है ख़ुद को गवारा करना।
~ Shraddha R. Chandangir

 

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