Author Topic: आमची मुंबई  (Read 97 times)

Offline sachinikam

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आमची मुंबई
« on: August 29, 2018, 11:54:21 AM »

आमची मुंबई
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मुंबई मुंबई आमची मुंबई
जहाँ होते है साकार सपने, पराये हो जाते है अपने
ऐसी इसकी जादू दुनिया पे है छायी
लेकर खुशियाँ ढेरों आमची मुंबई है आयी

मुंबई मुंबई आमची मुंबई
बॉलिवूड की मायानगरी, सितारों की ज़गमगाहट में मस्त
फैशनकी जादूगरी, रहती अपनी ही धून में व्यस्त
कोनेकोनेसे दुनियाके फनकार यहाँ पे आते
अपनी अपनी किस्मत यारों यहीं पे आजमाते
कोई बिगबी, कोई किंग, कोई बादशाह कहलाते
लाजवाब अदाकारोंसे दर्शकोंका दिल बहलाते
ऐश, बिपाशा, प्रियांका, कटरीना, सबके दिलोंपे करती राज
माधुरी, रानी, प्रीति, करीना, बनती धड़कन की आवाज
जोहर, गोवारिकर, सिप्पी सुपरहिट फिल्मे बनाते
डिरेक्टर्स कट देते, चोप्रा, भंसाली और घई
लेकर हसीन सपने आमची मुंबई है आयी

भैया: यह है बंबई नगरिया तू देख बबूवा
मुंबईकर: अरे तुला एकदा सांगितलेल कळत नाही का, का देऊ...
भैया: समझ गए, समझ गए...
मुंबईकर: हाँ
भैया: यह है मुंबई नगरिया तू देख भाऊवा
मुंबईकर: ऐसेच

ऊँची ऊँची मंजिले आसमान को चूमती
चकाचौंद गलियाँ रातों का नहीं सोती
कुलाबा, नरीमन और खिला मलाबार हिल्स
बांद्रा, गिरगांव और मस्त मस्त जुहू बीच
गेटवे ऑफ़ इंडिया से मरीन ड्राइव
सीएसटी पर देखो आख्खी मुंबई लाइव
मुंबादेवी, महालक्ष्मी और सिद्धिविनायक मंदिर आया
गणपती बाप्पा मोरया, मंगलमुर्ती मोरया
पश्चिम किनारे देखो डूबते हुए सूरज की लाली
झुकता जहाँ सजदे में सर देखो पाक हाजीआली
मुंबई हमारी जान है, मुंबई हमारा ईमान
मुंबई हमको प्यारी है, मुंबई आमची शान

मुंबई मुंबई आमची मुंबई
खिलखिलाती लहरे समंदरकी, जोश बढाती सीनेका
कितनेभी आये तुफान, जुनुन कायम है जीनेका
दिनमे तारेभी दिखलाती, गिरके संभलनाभी सिखलाती
रोज रोज हर सुबह नयी, नयी उम्मीदें लहराती

मुंबई मुंबई आमची मुंबई
बेकाबू स्टॉकएक्सचेंज का बैल, ऊपरनीचे है कूदता
लोकल की भीड़में यारों, दादरवाला अंधेरी उतरता
हिन्दुस्थान की आर्थिक राजधानी, देती सबको दानापानी
आओ तो एकबार यहाँ, खोने प्यारमें दिलबरजानी

मुंबई मुंबई आमची मुंबई
अंडरवर्ल्डकी वट यहाँ चलती
डेढ़शानेकी बंद करदे बोलती
वसूली, किडनैप, लेते मर्डर की सुपारी
पुलिस करते फिर एनकाउंटर भारी
पक्या, असलम यार अपने, उस्ताद आपुनका मुन्नाभाई
आपुनकाईच चलता राज, ये है आमची मुंबई

लेट नाइट, वीकेंड एंड फैशन पार्टीज
अपना अपना रोब दिखाती यहाँ पोलिटिकल पार्टीज
नमस्ते, सस्त्रियकाल, सलाम मालिकुम, हेलो हाई
अनेकता में एकता की मिसाल, ऐसी सजी है आमची मुंबई
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कवी: सचिन कृष्णा निकम, पुणे
कवितासंग्रह: मुग्धमन, गीतगुंजन
sachinikam@gmail.com
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