तकलीफ...!

Started by जयंत पांचाळ, August 02, 2015, 03:21:43 PM

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जयंत पांचाळ

तुम हसते बोहोत हो,
जरा हमे भी तो राझ बतादो...
मैने देखा हे फुलोको,
अक्सर मुस्कुराते हुए,
मगर मुरझाना तकलीफ देता हे...!

- जयंत पांचाळ