Author Topic: | दत्त प्रेमसुख |  (Read 200 times)

Offline विक्रांत

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 1,392
| दत्त प्रेमसुख |
« on: November 11, 2015, 06:32:16 PM »
काय सांगू सखी | दत्त प्रेमसुख |
अलोट कौतुक | शब्द उणे ||
स्मरताच मनी | तात्काळ येवूनी |
आनंदाचा धनी | केले मज ||
सुकुमार देह | बैराग्याचा वेष |
जटाजुट केस | शोभिवंत ||
दुसरा भास्कर | जणू धरेवर |
कोंदाटे अपार | देह दीप्ती ||
लेवून रुद्राक्ष | खडावा पायात |
त्रिशूळ हातात | भिक्षापात्र ||
भस्माचिया रेषा | साऱ्या देहावर |
रूप दिगंबर | अवधूत ||
भगवे कौपिन | आवडी लेवून |
त्रिमूर्ती त्रिगुण | देहाकार ||
हरपले भान | मनाचे उन्मन |
 जाग ध्यान स्वप्न | एकाकार  ||

विक्रांत प्रभाकर
http://kavitesathikavita.blogspot.in/




Marathi Kavita : मराठी कविता

| दत्त प्रेमसुख |
« on: November 11, 2015, 06:32:16 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
नाऊ वजा आठ  किती ? (answer in English number):