Author Topic: * औकात *  (Read 297 times)

Offline कवी-गणेश साळुंखे

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* औकात *
« on: November 08, 2015, 06:49:18 AM »
ये सर कभी खुदा के
दरबार में भी ना झुका
तो तेरी क्या औकात है
जो हम तुझे सजदा करें.
कवी - गणेश साळुंखे.
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