Author Topic: * हमें देखकर *  (Read 355 times)

Offline कवी-गणेश साळुंखे

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 883
  • Gender: Male
* हमें देखकर *
« on: November 08, 2015, 06:59:06 AM »
माना तु कातिल ही सही
और हम तेरे शिकार
लेकिन हमसे संभलकर रहना
क्योंकि हमें देखकर अक्सर
लोग दिल जाते हैं हार.
कवी - गणेश साळुंखे.
Mob - 7715070938

Marathi Kavita : मराठी कविता