Author Topic: * अच्छे *  (Read 236 times)

Offline कवी-गणेश साळुंखे

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* अच्छे *
« on: November 15, 2015, 11:20:26 PM »
हम तो बुरे थे ही यार
पर तुम तो अच्छे थे ना
हमने बुरा होकर दिल ना तोडा
तुमने अच्छा होकर तोड दिया.
कवी - गणेश साळुंखे.
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