Author Topic: ==* सुन ऐ नारी *==  (Read 245 times)

Offline SHASHIKANT SHANDILE

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 276
  • Gender: Male
  • SD
==* सुन ऐ नारी *==
« on: November 02, 2015, 12:12:29 PM »
तकलीफे तो आती जाती
लढती रहे दिन राती
करे लाख जुलम ये दुनिया
फिरती लाज बचाती

इंसानी जंगलके भेड़िये
तुझको नोच खायेंगे
हर कदम रोक राहोमें
तुझको युही सतायेंगे

गर रुक गई तो फस जायेगी
लिखी तक़दीर ये मानले
क्या करना है या डरना है
डरसे अच्छा मरके देखले

आयेगा ना कोई मदतको
ना होगा कोई साथमें
करले निश्चय सोच समझके
जितनी ताकत तेरे हातमें

नारी बन तू पापही कर गई
तुझको ना कोई आधार
पढे लिखे शरीफभी आयेंगे
गर भर जाये तेरा बाजार

बन झांसी तू चल अकड़के
चाहे आधी रात हो
भूल न जाना अपनी ताकत
चाहे सामने शैतान हो
---------××××-----------
शशीकांत शांडीले(SD), नागपूर
Mo.9975995450
दि.01/11/2015

Marathi Kavita : मराठी कविता

==* सुन ऐ नारी *==
« on: November 02, 2015, 12:12:29 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
दहा गुणिले दहा किती ? (answer in English number):