Author Topic: मर्दों का क्या हैं..!  (Read 443 times)

मर्दों का क्या हैं..!
« on: November 17, 2015, 09:15:22 PM »
ज्या दिवशी ह्या देशातली हर एक आई जिजाई बनेल...
ज्या दिवशी ह्या देशातली हर एक पत्नी रमाई बनेल...
....
तोच देशाचा दिवस खरा ठरेल...
कारण...

मर्दों का क्या हैं ना रोना ना सहना...
ना इज्जत छुपाना ना खोना...
अरे कोख में संभालती हैं औरत...
उसका बस चले तो...
गरीब को करे आमिर...
सुलतान को फकीर...
और पत्थर को भी सोना..
           -विद्रोही प्रेमवीर.(9768674830)
« Last Edit: November 17, 2015, 09:22:43 PM by विद्रोही प्रेमवीर »

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