Author Topic: मर्दों का क्या हैं..!  (Read 350 times)

मर्दों का क्या हैं..!
« on: November 17, 2015, 09:15:22 PM »
ज्या दिवशी ह्या देशातली हर एक आई जिजाई बनेल...
ज्या दिवशी ह्या देशातली हर एक पत्नी रमाई बनेल...
....
तोच देशाचा दिवस खरा ठरेल...
कारण...

मर्दों का क्या हैं ना रोना ना सहना...
ना इज्जत छुपाना ना खोना...
अरे कोख में संभालती हैं औरत...
उसका बस चले तो...
गरीब को करे आमिर...
सुलतान को फकीर...
और पत्थर को भी सोना..
           -विद्रोही प्रेमवीर.(9768674830)
« Last Edit: November 17, 2015, 09:22:43 PM by विद्रोही प्रेमवीर »

Marathi Kavita : मराठी कविता

मर्दों का क्या हैं..!
« on: November 17, 2015, 09:15:22 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
नाऊ वजा आठ  किती ? (answer in English number):