Author Topic: ==* दिल समझायें कभी कभी *==  (Read 74 times)

Offline SHASHIKANT SHANDILE

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 345
  • Gender: Male
  • शशिकांत शांडिले, नागपुर
==* दिल समझायें कभी कभी *==
« on: December 21, 2017, 03:46:12 PM »
रुक्सत करी जो सूरत याद आयें कभी कभी
सपनों में आकर मुझको तड़पायें कभी कभी

मुस्कान आज भी दिलमे है उनकी बसी हुई
उनकी प्यारी बाते आँख भर लायें कभी कभी

वो भूली बिसरि बातें वो हसिनसि मुलाकातें
काश उनके भी यादों में आ जायें कभी कभी

जो रख्खे है संभाले खत आज भी मैंने सारे
पढ़कर अपने भी खत वो गायें कभी कभी

खत्म करो ये किस्सा कब तक याद करेंगे
युही दिलकी बाते दिल समझायें  कभी कभी
---------------------------//**--
शशिकांत शांडिले,नागपुर
भ्र.९९७५९९५४५०
Its Just My Word's

शब्द माझे!

Marathi Kavita : मराठी कविता

==* दिल समझायें कभी कभी *==
« on: December 21, 2017, 03:46:12 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
नाऊ वजा एक किती ? (answer in English number):