Author Topic: री री री री  (Read 89 times)

Offline sachinikam

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 159
  • Gender: Male
री री री री
« on: January 12, 2018, 04:29:13 PM »

री री री  री             (२६/०७/२०१५)
---------------------------------------
बिनपगारी फुलअधिकारी झाले चिकार
रोजगारी बेकारी झाली भिकार
सत्ताधारी कारभारी झाले चुकार
दादागिरी भाईगिरी झाली टुकार
लाचखोरी भ्रष्टाचारी भरला बाजार
शेतकरी कष्टकरी झाले बेजार
रहदारी घुसखोरी देतेय मुकामार
दुनियादारी इमानदारी पेटली वखार
हरामखोरी चोराचोरी नाना विकार
गुलामगिरी चेंगराचेंगरी माजला हाहाकार.
--------------------------------------
कवी: सचिन निकम. पुणे.
कवितासंग्रह: मुरादमन
www.skrinzstudios.com
--------------------------------------
« Last Edit: January 12, 2018, 04:30:14 PM by sachinikam »

Marathi Kavita : मराठी कविता

री री री री
« on: January 12, 2018, 04:29:13 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
पाच अधिक नाऊ अधिक शून्यं  किती ? (answer in English number):