Author Topic: मै इंसान की औलाद हूँ !  (Read 464 times)

Offline sanjay bansode

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कवी - संजय बनसोडे - 9819444028

* मै इंसान की औलाद हूँ *


ना दिल से फौलाद हूँ
ना जहरीला सैलाब हूँ
इंसानियत ही धर्म मेरा
मै इंसान की औलाद हूँ ! !

देखकर भूखे बच्चे
आँखोंसे आसू आते है
दया करो, रहेम करो
जो भुखे पेट सोते है !
जल रहा हूँ मर रहा हूँ
मै ना आज़ाद हूँ !
इंसानियत ही धर्म मेरा
मै इंसान की औलाद हूँ ! !

कहाँ भूकमरी है
कहाँ घी से भरी रोटी है
दिल तड़फ उठता है
जब भुखी माँ रोती है !
मुझे भी खिलाओ कोई
मै देश की लाज हूँ !
इंसानियत ही धर्म मेरा
मै इंसान की औलाद हूँ ! !

कही बिल्डिंग के साज है
कही झोपड़ी के दाग है
कही अनाजों का नाश है
कही भूख की आग है !
कैसा हमपर जुनूम हुआ
मै इससे अंजान हूँ !
इंसानियत ही धर्म मेरा
मै इंसान की औलाद हूँ ! !

 गरीब के गरीबीसे कभी
ना समजोता किसीने किया
लाचार, भूखा, नंगा उसको
रस्तेपे ही छोड़ दिया !
दया आती है उनपर मगर,
मै ना जिगरबाज हूँ !
इंसानियत ही धर्म मेरा
मै इंसान की औलाद हूँ ! !


संजय बनसोडे
9819444028

Marathi Kavita : मराठी कविता


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