Author Topic: कितना और बदलूं  (Read 539 times)

Offline yogesh desale

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कितना और बदलूं
« on: September 22, 2015, 11:22:09 AM »

            कितना और बदलूं
            -  योगेश देसले
        (9967682021)
कितना और बदलूं खुद को जिंदगी जीने के लिए
ऐ जिंदगी ,
मुझको थोडा सा... मुझमे बाकी रहने दे!

क्या खुब लिखा है,

मुझको थोडा सा..... मुझमे बाकी रहने दे!
जिके थोडा और बदलने दे,
मेहेंगी है यह जिंदगी, थोडी सास फुरसत की खरीदने दे।


मुझको थोडा सा... मुझमे बाकी रहने दे!

पायल जरासी खनकने दे,
घुंगरूकी झनकार होने दे,
जिंदगीमें थोडातो झुमने दे।

मुझको थोडा सा.. मुझमे बाकी रहने दे!

सुखी सुखी नदियाँ में,
बुंद बुंद बारीश होने दे,
खेतोमे हल जरा चलने दे,
मुझको थोडा सा.. मुझमे बाकी रहने दे।

बिते कल की याद, थोडी खोने तो दे,
ऊमंग कलकी होले होले बढने तो दे,

मुझको थोडासा.. मुझमे बाकी रहने दे!

नशा जिनेका जरा चढने दे,
गुरूर जरासा ऊतरने दे,

मुझको थोडासा.. मुझमे बाकी रहने दे!

 तिर्थोके तिर्थ पिनेतो दे,
पुन्य ना सही, पाप थोडासा कम करने दे,

मुझको थोडासा.. मुझमे बाकी रहने दे!
 रुठे सनम को मनाने दे,
प्यार आपनोका पाने दे,

मुझको थोडासा.. मुझमे बाकी रहने दे!
कितना और बदलूं खुद को जिंदगी जीने के लिए
ऐ जिंदगी ,
बदला हुआ मै, मुझे थोडासा महसुस करने तो दे,

मुझको थोडा सा... मुझमे बाकी रहने दे!

मुझको थोडासा.. मुझमे बाकी रहने दे!

मुझको थोडासा.. मुझमे बाकी रहने दे!

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