Author Topic: आज  (Read 1806 times)

Offline sudhanwa

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आज
« on: August 06, 2012, 11:38:43 PM »
आज
स्तब्ध जाहले ब्रह्म आज
रक्त बरसती मेघराज
शब्दचं उरले अस्त्र आज

भ्रष्ट माजले कर्ते आज
कष्ट सोशिले वर्ण आज
नष्ट भासला देश आज

लोभ पाहतो जनसमाज
वित्त जोडतो फक्त आज
गर्व जिंकीतो स्वर्ग आज

वीरतेला गंज आज
छाती तोडी तंतु आज
त्यक्त जाहला धर्म आज

मति वाटशी मंद आज
गती चालती संथ वाट
दृष्टि खुंटली पूर्ण आज

पिढी बाधली सर्व आज
मद्य प्राशती तुर्क आज
सत्य सांगतो वर्त हाच

उदास वाटे प्रातः आज
संधी साधतो हा प्रकाश
गर्तात गेली सांज आज

घोर कलीची रात आज
लुप्त होईल का ती आज
जागेल का रे ब्रह्म आज ?
                             सुधन्वा
« Last Edit: August 06, 2012, 11:45:16 PM by sudhanwa »

Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline केदार मेहेंदळे

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Re: आज
« Reply #1 on: August 07, 2012, 11:00:49 AM »
khupach sundar kavita....
 
mitra kharach chan rachana.... ani shabdanchi badhani awadli

Offline sudhanwa

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Re: आज
« Reply #2 on: August 07, 2012, 11:36:41 AM »
dhanyawaad kedar saheb...
तुमचे अभिप्राय नेहमीच प्रेरणा देतात  :)