Author Topic: भूपाळी श्रीकृष्णाची  (Read 663 times)

Offline kumudini

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 118
उठ रे सावळ्या

जागरे  तान्हुल्या 

जागवाया  तुला

प्राची  तेजाळली 

येऊनी  अंगणी 

थांबले  सवंगडी

ऊठ   गा  श्रीहरी

बोलली   माउली

धेनू   हम्बारल्या 

 साद   घाली  तुला   

ऊठ   गा   सावळ्या

 आता   सत्वरी

सूर्य   आला  नभी

तेज   पुंजाळूनी

 साद  घाली   तुला

पावनही   गाउनी

करुनिया   मंथना

काढूनी   नवनीता

भरविण्या  तुला

थांबले  मी  उभी 

कुरवाळुनी   मुखा 

घेतसे  चुंबना

हासुनी  गाली  तो

जागला  श्रीहरी

                          कुमुदिनी   काळीकर

Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline विक्रांत

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1,539
Re: भूपाळी श्रीकृष्णाची
« Reply #1 on: May 20, 2013, 05:21:27 PM »
वा फारच छान ,मन प्रसन्न झाले.

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
दहा गुणिले नाऊ  किती ? (answer in English number):