Author Topic: संताचे मन  (Read 567 times)

Offline Dineshdada

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संताचे मन
« on: September 11, 2015, 07:51:03 PM »
ऐ इनसान सुन कोण है तेरा सहारा,तु खुद तेरे किस्मत का मारा,अपने नसिब से पल पल हारा
उपर वाले का खेल है सारा,क्यों करता है रे तेरा मेरा,लगा गुरु गोरख का नारा,संकट मिटेंगे दुःख हटेंगे ले मेरे बाबा का सहारा,पा ले अमृत की धारा,वहि सागर वही किनारा,राम नाम से भरले ढेरा,चमकेगा किस्मत का तारा,दुनिया में कोई ना हमारा,जब आऎगी स्मशान की यातरा तब होवेगा धन का बटवारा,कीसिके मन मे ना होगा तेरा बसेरा,कीसिके मन मे ना होगा तेरा बसेरा

रचनाकार-दिनेश पलंगे
7738271854

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