Author Topic: * बारीश *  (Read 321 times)

Offline कवी-गणेश साळुंखे

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 882
  • Gender: Male
* बारीश *
« on: July 29, 2015, 07:35:56 PM »
भीगे हम कुछ इस तरह
के बारीश भी रुक गयी
हमारे आँसू देखकर वो पगली
मानो बरसना ही भुल गयी.
कवी-गणेश साळुंखे.
Mob-7715070938

Marathi Kavita : मराठी कविता