Author Topic: * उसे *  (Read 437 times)

Offline कवी-गणेश साळुंखे

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* उसे *
« on: September 03, 2015, 06:43:44 PM »
ए दिल-ए-नादान
तु क्युं रोता है
जो तेरा है ही नही
तो क्युं उसके लिए
अपने आँसू बहाता है
वो भुल चुका है
तु भी भुल जा
क्युं उसे याद करता है.
कवी-गणेश साळुंखे.
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