Author Topic: * अकेली लहरें *  (Read 468 times)

Offline कवी-गणेश साळुंखे

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* अकेली लहरें *
« on: October 13, 2015, 10:11:27 PM »
किनारे पर यूँही खडे थे हम
और लहरें कदम चुम रही थी
फिर हमने भी कुछ पल बिताएं
लहरों के साथ जो बिलकुल अकेली थी.
कवी - गणेश साळुंखे.
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