Author Topic: स्पर्श  (Read 772 times)

Offline SANJAY M NIKUMBH

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 502
स्पर्श
« on: April 21, 2013, 11:10:52 PM »
स्पर्श

---------------------------------------

तुझा पुसटसा स्पर्शही

मनात प्रीत फुलवतो

प्रीतीच्या हिंदोळ्यांवर

तुझ्यासवे झुलवतो

-----------------------------

माझ्या मनाला तुझ्या

मनाचा स्पर्श झाला

उगीच नाही लागले

वेड माझ्या हृदयाला

-----------------------------

तुझ्या स्पर्शाला सखे

प्रेमाचा गंध येतो

कळले कां तुला

मी कां बेधुंद होतो

-----------------------------

तुझ्या नजरेचा स्पर्शही

मला खूप सुखावतो

तुझ्या मनातलं प्रेम

तोच मला दावतो

-------------------------------

तू अबोल राहूनही

तुझ्या मनातलं कळून जातं

नजरेतल्या स्पर्शावर

माझं मन भाळून जातं

---------------------------------

पहिला स्पर्श तुझ्या अन माझ्या

नजरेचाच झाला

डोकावलो तुझ्या डोळ्यात

अन घात झाला

-----------------------------------

उगीच नाही माझं काळीज

दिलं मी तुला

तुझ्या हृदयाचा स्पर्श

झाला माझ्या हृदयाला

-------------------------------------

मी आणलेलं फुलं

तुझ्या केसांत मी माळल

त्या स्पर्शान माझं प्रेम

न सांगता तुला कळलं

--------------------------------------

तुझा स्पर्श सतत

माझ्यासोबत फिरत असतो

तू दूर आहेस

मला विसरायला लावतो

--------------------------------------

तुझा स्पर्श होताच

मी देहभान विसरतो

कळत नाही इतकं कसं

तुझ्यावर प्रेम करतो

---------------------------------------

उगीच नाही उधळली

सखे प्रीत तुझ्यावर

तुझा स्पर्श झाला मनाचा

अन जादू झाली मनावर

---------------------------------------

संजय एम निकुंभ , वसई

दि. २१ . ४ . १ ३ वेळ : १० . १ ५ रा .

Marathi Kavita : मराठी कविता

स्पर्श
« on: April 21, 2013, 11:10:52 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
एक गुणिले दहा किती ? (answer in English number):