Author Topic: मन  (Read 1357 times)

Offline SANJAY M NIKUMBH

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मन
« on: August 17, 2013, 10:10:09 PM »
चेहरा खोटा ठरू शकतो
पण मन कधीच नाही
मन वाचणे वाटते तितके
कठीण मुळीच नाही
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सहवासात राहून
मन वाचता येतं
छोट्या छोट्या गोष्टींनी
मन कळत जातं
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संजय एम निकुंभ , वसई

Marathi Kavita : मराठी कविता