Author Topic: चारोळी  (Read 1401 times)

Offline aap

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चारोळी
« on: September 18, 2013, 10:07:20 AM »
चारोळी

तू छेडीता हृदयी तार
अंतरी उमटे हळवा सूर
कोमल लाघव होई नूर
फुलासवे जसा भ्रमर

          सौ. अनिता फणसळकर   

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