Author Topic: अब तो चाहतो में सिर्फ दील टूटा करते हैं।  (Read 752 times)

Offline Shraddha R. Chandangir

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टूटकर चाहने वालों का सीलसीला अब नजर
नही आता......
अब तो चाहतो में सिर्फ दील टूटा करते हैं।
- अनामिका
« Last Edit: November 02, 2014, 01:54:24 PM by MK ADMIN »

Marathi Kavita : मराठी कविता


Naval Dongardive.

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तुम बेचैन हो, हम बेकरार है,

तेरे पास आने सें
हम लाचार है।