Author Topic: मैत्री  (Read 2243 times)

Offline कवि - विजय सुर्यवंशी.

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 478
  • Gender: Male
  • सई तुझं लाघवी हसणं अजुनही मला वेड लावतं.....
मैत्री
« on: July 01, 2012, 03:11:58 PM »
  " विचारने विचारांची गुंफण होते,
     शब्दाने शब्द वाढतात .....
     मैत्रीच्या निर्मळ जळाने,
     वैराण माळरानं सुद्धा फुलतात ......."

                                कविवर्य - विजय अरुण सूर्यवंशी .
                                                 यांत्रिकी अभियंता

Marathi Kavita : मराठी कविता

मैत्री
« on: July 01, 2012, 03:11:58 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

yogesh Raut

  • Guest
Re: मैत्री
« Reply #1 on: August 01, 2012, 01:17:34 PM »
" विचारने विचारांची गुंफण होते,
     शब्दाने शब्द वाढतात .....
     मैत्रीच्या निर्मळ जळाने,
     वैराण माळरानं सुद्धा फुलतात ......."

Offline मिलिंद कुंभारे

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 1,415
  • Gender: Male
  • ती गेली तेव्हा रिमझिम पाऊस निनादत होता!
Re: मैत्री
« Reply #2 on: April 27, 2013, 04:43:39 PM »
छान :)

Offline कवि - विजय सुर्यवंशी.

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 478
  • Gender: Male
  • सई तुझं लाघवी हसणं अजुनही मला वेड लावतं.....
Re: मैत्री
« Reply #3 on: April 27, 2013, 07:18:02 PM »
 :) thank u milind ji..

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
दहा गुणिले नाऊ  किती ? (answer in English number):