Author Topic: हिंदी लोकांची मराठी & मराठी लोकांची हिंदी:  (Read 19821 times)

Offline rudra

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  • आसवांचा प्रांत माझा,दुखांचे दुर्ग माझे..वेदनेचा खड्ग माझा,जखमांचे सैन्य माझे..
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हिंदी लोकांची मराठी :
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मराठी लोकांची हिंदी:
पहलि बार पोहने गया तो क्या हुआ मालुम?
पहिले पानी मे शिरा, फिर पोहा और बाद मे बुडा!!
घाई करो भैया नही तो बस जायेगी, और हमारी पंचाईत होयेगी!!
सरबत मे लिंबु पिळा क्या!!
इतना महाग कैसे रे तेरे यहा, वो कोपरेका भैया तो स्वस्त देता है!!
कंदा काट के, चिर के मस्त ओम्लेट बनाने का और उपर से थोडा कोथिंबिर भुरभुरानेका!!
अरे बाबा गाडी सावली मे लगा!!
ए भाय, मेदुवडा शेपरेट ला, साम्बार मे बूडा के मत लाना!!
केस एकदम बारीक कापो भैया!!
खाओ पोटभर खाओ लाजो मत!!
धावते धावते गिर्‍या तो काडकन हात का हाड मोड्या!!

Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline gaurig

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  • हसते हसते कट जाये रस्ते, जिन्दगी यूही चलती रहे....
hehehehehe..........nice one........ :D :D

Offline Vkulkarni

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    • "ऐसी अक्षरे मेळविन!"  आणि "माझी सखी"
हिंदी मनुष्य : साबजी, झेरॊक्स ठिकसे तो आता है ना? दाग तो नही आयेंगे कागजपर?
मराठी : तु काळजी कायको करताय, एकदम छान येताय, सिरफ़ कडे कडे को थोडा, थोडा काळा पट्टी येताय.  ;D
 
आणखी काही...
 
तू चल पुढे, मै तांब्या ठेवके आती.  8)

Offline Bahuli

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Offline Vaishali Sakat

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mahendra sahare

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