Author Topic: "आसु"  (Read 1123 times)

Offline msdjan_marathi

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"आसु"
« on: July 23, 2011, 01:08:56 PM »
   
    :'(.........."आसु"........... :'(

लाख लाख मोलाचा एक एक आसु...   
               पऱ्या कुणासाठी त्याला वाहून नका बसू... ॥ २॥               

आसवांच्या ओघात भाव वाहून जातात,
ओलावलेल्या मायेचा ठाव घेऊन जातात...
चुकून झालेल्या चुकांवर ऊगाच नका रुसू...॥ २॥
सोडा क्षणिक फुगव्याला खुलवा गाली हसू...       
    लाख लाख मोलाचा एक एक आसु...               
पऱ्या कुणासाठी त्याला वाहून नका बसू... ॥ २॥

निजताना आठवांची मैफिल जेव्हा सजेल,
नाहक खर्ची गेलेल्या आसवावर मन हसेल...
उद्या कुणास ठावूक आपण असू व नसू...॥ २॥           
गालावरल्या सुकलेल्या त्या आसवात मात्र दिसू...
लाख लाख मोलाचा एक एक आसु...                       
पऱ्या कुणासाठी त्याला वाहून नका बसू... ॥ २॥
                                                    ...........महेंद्र


Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline mahesh4812

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Re: "आसु"
« Reply #1 on: July 23, 2011, 05:51:57 PM »
nice

Offline gaurig

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  • हसते हसते कट जाये रस्ते, जिन्दगी यूही चलती रहे....
Re: "आसु"
« Reply #2 on: July 24, 2011, 10:57:59 AM »
khupach chan.......