Author Topic: सरस्वती  (Read 536 times)

Offline kumudini

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सरस्वती
« on: April 21, 2014, 06:52:31 PM »
सरस्वती
ब्रह्म  सुता  तू  सरस्वती
बुद्धीची  स्वामिनी
मयूर  वाहिनी  वीणा  धारिणी
वंदन  तुझिया  चरणी
तार  वीणेची  तव  झंकारुनी
मुळाक्षरे  ही  त्यात  जन्मुनी
वेद  ऋचांची  करिती  निर्मिती
अगाध  तव  करणी
वरद  हस्त  हा  तुझा  लाभता
वाल्मिकी  हो  तो  वाल्याचा
वेद ऋचांचे  हो  उच्चारण
मुक्याही  ओठातूनी
रवी  तेजापरी  तू  तेजस्विनी
प्रभा  फाकते  ज्ञाना  किरणी
आशीर्वच  तव  लाभो  म्हणुनी
अवनत  तव  चरणी
                                 कुमुदिनी  काळीकर


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