Author Topic: कळी  (Read 513 times)

Offline vijaya kelkar

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कळी
« on: April 27, 2014, 12:56:05 PM »
 कळी ..........



कळी कोवळी गोजिरी
अर्धोन्मीलित साजिरी
लपे पानाड लाजरी
कुजबुजली वल्लरी ....

फुले पाकळी पसारा
खुले चेहरा हसरा
डुले देठ आसरा
 बोले सरा, मागे सरा .......

झोंबे खट्याळ वारा
लागे चाहूल भ्रमरा
नि वास फुलपाखरा
माय कुर्वाळी लेकरा ..........

खुडे कोणी  ऐरागैरा ?
बरा काटेरी पिंजरा
फुले ती दहा बारा
देती भवती पहारा ............

मग कळीस कळले
कसे फुलून जगावे .................

                         विजया केळकर ____
     

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