Author Topic: जिसकी यारी हैं मौत से, उसे तकदीर क्या डराएँगी।  (Read 545 times)

Offline Shraddha R. Chandangir

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बिखरती इन हवाओं को कोई जंजीर क्या डराएँगी
जिसकी यारी हैं मौत से, उसे तकदीर क्या डराएँगी।

जलजला जो आएगा, जहाँ मर्जी दफन हो जाएंगे
होंगी किसी के भी बाप की वो जागीर क्या डराएँगी।

वाकीफ हूँ मैं वक्त की इस बदलती फितरत से
ये धूप-छाँव सी जिंदगी की तस्वीर क्या डराएँगी।

लाख कहाँ हकीकत सें मेरे ख्वाबों को डराएँ
जो मेरे ही खिलाफ थी, मेरे खातिर क्या डराएँगी।
~ अनामिका

जलजला- earthquake
जागीर- property, estate

Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline Rajesh khakre

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तुम है अनामिका पर क्या खूब लिखती हो
पढ़नेवाले के दिल को झकझोर कर देती हो
लिखती है तूम मगर नाम तो लिखती जा कही लिखती नहीं नाम लेकिन दिल छू जाती हो |

(आपली प्रत्येक कविता हृदयाला स्पर्श करुन जाते. खुप छान लिहता तुम्ही.नाव लिहत नाही त्याचे दुःख वाटते पण तुम्ही नाव लिहत नाही हे ही तुमच्या कवितेला आणखीणच वेगळ्या उंचीवर घेऊन जाते.)
---राजेश खाकरे
Mo.7875438494
rajesh.khakre@gmail.com


 

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