Author Topic: पेड़ कभी टहनी के दम पे टिका नहीं होता....  (Read 390 times)

Offline Shraddha R. Chandangir

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 322
  • Gender: Female
नफरत नफरत होती हैं, उसका तरीका नहीं होता
दुश्मनों में कभी तहजीब और सलिका नहीं होता।
.
जरा सी शोहरत कि लहर से उछलने लगता हैं बच्चा
पर पेड़ कभी टहनी के दम पे टिका नहीं होता।
.
पुराने वक्त की चीजें आज में बेकार समझी जाती हैं
पर मोल जिसका हैं ही नहीं ऐसा सिक्का नहीं होता
.
खोखली सोच छीन लेती हैं बैगुनाह घरों की मिठास
बेवजह जायका सेवैयों का फिका नहीं होता।
~ अनामिका

Marathi Kavita : मराठी कविता


 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
नाऊ वजा एक किती ? (answer in English number):