Author Topic: बताना मुझे नहीं आया तो जताना उसे नहीं आया....  (Read 730 times)

Offline Shraddha R. Chandangir

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 348
  • Gender: Female
अधूरी मोहब्बत निभाना आखिर किसे नहीं आया?
बताना मुझे नहीं आया, तो जताना उसे नहीं आया।
.
यूँ तो बिछाए हर तरफ जाल ही जाल थे मोहब्बत के
फसाना मुझे नहीं आया तो छुडाना उसे नहीं आया।
.
चुप्पी में भी जज्बातों की शिकायत बखूबी हुई  लेकिन
सताना मुझे नहीं आया तो मनाना उसे नहीं आया।
.
अपनी अपनी जिंदगी के बस अपने अपने लम्हे
हँसाना मुझे नहीं आया तो रुलाना उसे नहीं आया।
~ अनामिका

Marathi Kavita : मराठी कविता


संजय बनसोडे

  • Guest
व्वा व्वा
क्या ख़ूब कहाँ हैं आपने !

हमे तो अभीतक प्यार करना नही आया ,

Offline sameer3971

  • Newbie
  • *
  • Posts: 40
अधूरी मोहब्बात निभाते भी कैसे ए दोस्त,
मुकम्मल करना हमे ना आया और हासिल उन्हे हो ना पाया
जज़्बातों मे शिकायत कहा? वो तो बेखुदी सा दर्द है
द्वा हमे लेने ना आया और मर्ज उनसे हो ना पाया.