Author Topic: बेमतलब इक सिक्के की भी कोई खैरात नहीं...  (Read 414 times)

Offline Shraddha R. Chandangir

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 346
  • Gender: Female
मैंने महसूस किया उसके अच्छे हालात नहीं
वर्ना खून मेरा न खोले, ऐसी कोई बात नहीं।
.
दुश्मनी पे उतरू तो खाक हो जाए दोस्ती भी
पर इंसानियत भूल जाऊँ, ऐसी मेरी जात नहीं।
.
पाकीजा नियत को, बुजदिल ही कहगा जमाना
मश्वरा भी वो देंगे हैं जिनकी खुदकी औकात नहीं
.
फकीर की भी झोली से दुआए बटोरी जाती हैं
बेमतलब इक सिक्के की भी, कोई खैरात नहीं।
~ अनामिका

Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline MK ADMIN

  • Administrator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 2,514
  • Gender: Male
  • MK Admin
    • marathi kavita