Author Topic: मेणबत्ती  (Read 991 times)

Offline SANJIVANI S. BHATKAR

  • Newbie
  • *
  • Posts: 31
मेणबत्ती
« on: December 21, 2009, 03:43:04 PM »
 
मेणबत्ती

 

काळोखाच्या भयाण राती

सोन्याचे  घर , दिसते  माती

पाहसी  मागे  बघुनी   किती

रंग - बेरंगी  मेणबत्ती

मऊ  मेणाची  मोहक  मूर्ति 

घरा  घरातुनी  लुकलुकती

काळोखाच्या  भयाण  लाटा 

उठती  फूटती  बारा  वाटा

दंड  ही  आहे  भक्कम  फार

हात   लावता  पडेल  काय

नाजूक  मूर्ति  नाजुक  काम 

मऊ  मेणाची  मोहक  मूर्ति 

प्रकाश  पाडिती  परोपरी 

स्नेह्शुन्य   ते  सदा  अंतरी 

मऊ  मेणाची  मोहक  मूर्ति 

 

 

 

सौ  संजीवनी  संजय  भाटकर   
« Last Edit: December 24, 2009, 03:25:34 PM by SANJIVANI S. BHATKAR »

Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline rudra

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 879
  • Gender: Male
  • आसवांचा प्रांत माझा,दुखांचे दुर्ग माझे..वेदनेचा खड्ग माझा,जखमांचे सैन्य माझे..
    • My kavita / charolya
Re: मेणबत्ती
« Reply #1 on: December 21, 2009, 05:45:48 PM »
avadali mala ......