Author Topic: त्रिवेणी संगम - २  (Read 1232 times)

Offline केदार मेहेंदळे

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 2,674
  • Gender: Male
  • मला कविता शिकयाचीय ...
त्रिवेणी संगम - २
« on: October 10, 2011, 12:30:42 PM »
"त्रिवेणी संगम" हा कवितेत एक नवीन प्रयोग  करून बघितला आहे. यात पहिल्या दोन ओळीनंतर येणारी तिसरी ओळ कविता पूर्ण करते अन कवितेला नवीन अर्थ देते.  नवीन प्रयोग आहे. काही कमी किंवा चूक झाली असेल तर कविते साठी चालवून घ्याव हि विनंती. ह्या कविता चार भागात पोस्ट करीन. आज भाग  दूसरा.  आवडल्यास रिप्लाय पोस्ट करावा.

त्रिवेणी संगम -  १ http://marathikavita.co.in/index.php/topic,6363.0.html


हार्ट अट्याक येऊन गेला मोठा
ओपन हार्ट सर्जरी केली म्हणे
 
अरे! मी तर समजत होतो माझ रुधय तुझ्याकडे आहे!
 ------------------------------------------------------------------

विचारांनी डोक्यात नुसता कोलाहल माजवलाय
झोप लागत नाही रात्ररात्र मनाच्या अक्रोशानी
 
कोण म्हणत रात्री निरव शांतता असते म्हणून?
------------------------------------------------------------------------
 
 अरे वा! किती वर्षांनी भेटलात. बर वाटल.
काय म्हणतोस? प्रमोट झालास? गाडी घेतलीस? छान छान!
 
हल्ली एक हसरा मुखवटा सतत बरोबर बाळगलाय
--------------------------------------------------------------------------
 
फेसबुक मुळे किती फायदा झालाय ना?
 न भेटताच सगळ्यांशी टच मध्ये रहाता येत. सतत.
 
हल्ली मुखवटे चढवायलाच   लागत नाहीत.

----------------------------------------------------------------------------

केदार....
 
त्रिवेणी संगम - ३ http://marathikavita.co.in/index.php/topic,6386.0.html
त्रिवेणी संगम – 4 http://marathikavita.co.in/index.php/topic,6395.0.html
« Last Edit: June 27, 2012, 11:14:46 AM by केदार मेहेंदळे »

Marathi Kavita : मराठी कविता


 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
Type the letters shown in the picture
Listen to the letters / Request another image
Type the letters shown in the picture:
एकावन्न अधिक पाच किती ? (answer in English number):