Author Topic: तेजधिपती  (Read 382 times)

Offline kumudini

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तेजधिपती
« on: May 13, 2012, 12:32:26 PM »
तेजधिपती

तिमिराहारा  तेजोधारा   दिनकरा
तव चरण शरण ओमकारा
वाहती गोदा नि कृष्णा
तव  पदा  प्रक्षाळण्या
अर्घ्य देती  योगी याती
भरुनिया शत करा

पक्षी वृक्षी  जागलेले
गावयाला  भूपाळीते
अंबरी ते झेप घेती
सोडुनिया निज कोटरा

वेली लता  फुलावी फुला
अर्पिण्या पायी तुला
शीत वारा उधळी गंधा
भरुनिया शत करा
                                 
अंधार सारा संपला
दश दिशा  उजळल्या
लीन होण्या तव पदी
बुद्धी दे तू भास्करा

    कुमुदिनी काळीकर
   

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