Author Topic: * कॉलेज *  (Read 2343 times)

Offline कवी-गणेश साळुंखे

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* कॉलेज *
« on: January 21, 2015, 03:40:17 PM »
** कॉलेज **
ओय नही जाना नही मुझको कॉलेज यार
पढ लिखके में तो थक गया यार
वही है पुराना मास्टर और उसका बोरींग लेक्चर
सुनसुनके कबसे पक गया हुँ यार
देसी गलफ्रेंड भी करे इमोशनल अत्याचार
......नही जाना नही मुझको कॉलेज यार ||१||

गया भी जो कॉलेज में लफडा होगा हर बार
केमिस्ट्री और फिजीक्स में उलझ जाऊंगा यार
पढाई रहेगी साइडमें हो जाएगा प्यार
सिंगल तेरे लाईफकी फिर लग जाएगी यार
दिनको होगा मिलना-जुलना व्हॉट्स पे चैटींग रातभर
......नही जाना नही मुझको कॉलेज यार ||२||

पढलिखके वैसे बेटा बनेगा तु क्या
डॉक्टर या इंजिनियर का रिपेटेशन बारबार
ना मिली जो नौकरी कहाँसे लाएगा छोकरी
सबकुछ हारके पिएगा तु दारु देसी बारबार
छोड देगी गर्लफ्रेंड भी कहके तु है पढालिखा बेकार
.....नही जाना नही मुझको कॉलेज यार ||३||

सुनले मेरी भी तु उपरवाले आज एक बार
जब भी आया एक्झाम आया में मंदिर हर वार
नारीयल फोडा फुल भी चढाया सातों वार
रिझल्ट में फिरभी क्युं खायी मार
दोस्तोने चिडाया पप्पासें पिटवाया अब की बार
....नही जाना नही कॉलेज यार ||४||
ओय नही जाना नही कॉलेज यार
कवी-गणेश साळुंखे...!
Mob-7715070938
Mumbai
Date-: 08/11/2014

Marathi Kavita : मराठी कविता

* कॉलेज *
« on: January 21, 2015, 03:40:17 PM »

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