Author Topic: My Hindi Poem -- इल्तजा --  (Read 495 times)

Offline SHASHIKANT SHANDILE

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  • शशिकांत शांडिले, नागपुर
My Hindi Poem -- इल्तजा --
« on: June 30, 2015, 02:54:25 PM »
तेरे लबोकी गुलाबी रंगत
हसीं मोहोब्बतकी संगत
सनम तेरे चाहतके दमसे
आजभी है जुडा ये बंधन

सोचता हु गर तू ना होती
जिंदगी खुशनुमा ना होती
तेरे चाहतसे बंधी जिंदगी
चाहतकी निशानी ना होती

हु खुशनसीब पाकर तुझे
मिला जो ये तोहफा मुझे
बस यही इल्तजा है मेरी
कभी भूल ना जाणा मुझे

दिलकी धडकनमे समाई
हमारे चाहतकि खुमारी
जिंदगीभर तुम्हारा साथ
यही एक आरजु हमारी

शशिकांत शांडीले (SD), नागपूर
Mo. ९९७५९९५४५०
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