Author Topic: हमे आया नही  (Read 821 times)

Offline Tark

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हमे आया नही
« on: January 25, 2020, 12:03:28 PM »
चल पडे चाहत के ऐसे सिलसिले
कोई नुखसा न था बाकी जो आजमाया नही
हमें फिक्र करना आया
हसाना आया
मनाना आया
हमें प्यार करना आया नही

मदद करने हम भी थे पहुंचे
चल बसा उसका बाप जो लोट के आया नही
हमने पैसा दिया
वक्त दिया
भरोसा दिया
हमने झूठा अफसोस दिया नही

जान गए थे सब तमाम हूनर हमारे
हमसे उम्मिदो का पैमाना कोई बकाया नही
हमने ठहाके कमाये
नजरे कमाई
तारिफे कमाई
हमने ज्यादा पैसा कमाया नही

बन के बैठे थे वो यूं सिधे साधे
खुद की खुशी के लिये दिमाग चलाया नही
हमने पैर छुए
बाते मानी
चलन सिखे
हमने मा बाप का सम्मान किया नही

बस सोचकर की लोग क्या कहेंगे
सब कर रहे थे वो हम ने किया नही
हमने नियम संभाले
सोच बनाई
सवाल पूछे
हमें भीड बनना आया नही

कामयाबी के शिखर कई  छू लिये है
और जिंदगी पर किसी गम का साया नही
देखे टूटे हाथ
भुखे पेट
जात पात
हमे शायद इंसान बनना आया नही
« Last Edit: January 25, 2020, 01:43:06 PM by Tark »

Marathi Kavita : मराठी कविता


 

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