Author Topic: हे बंध रेशमाचे  (Read 1048 times)

Offline Mrs. Sanjivani S. Bhatkar

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हे बंध रेशमाचे
« on: August 12, 2013, 03:29:52 PM »
हे  बंध  रेशमाचे 

 

प्रेमास  प्रेम  द्यावे  तुटतील ना  कधी   ही 

हे  बंध  रेशमाचे 

जात - धर्म - नाते  न  तुटतील  कधीही

रक्तास  रक्त  देऊनी   

बांधुनी बंद  रेशमाचे 

हे  बंध  रेशमाचे 

शरीराहुनी  निराळी  रक्तास  औढ झाली

जलाहुनी निराळी  पवित्र  भावनेचे 

न  तुटतील  कधीही   हे  बंध  रेशमाचे 

ठेऊ  जपून  जीवा

धागा  अतूट  हाच

रेशम  जपून  ठेव

हे  बंध   रेशमाचे 

 

 

सौ . संजीवनी  संजय  भाटकर  :)

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