Author Topic: मेरा दिल चुराया तूने  (Read 1592 times)

Offline sanjay bansode

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 251
मेरा दिल चुराया तूने
« on: January 20, 2015, 06:05:36 PM »
ना जाने कब मेरा
दिल चुराया तूने
पढ़ते पढ़ते तेरी कवितायें
कब अपना बनाया तूने ! !

नादान मेरा दिल
तुझे पढ़तेही गया
चोरी छुपेही सही
तुजपे मरते ही गया !

कब तेरा निखरता
चेहरा दिखाओगी
पागल हुआ तेरे प्यार में
कब अपना बनाओगी !

प्यार के ख़यालो में रहना
अब येहि मेरा काम
ढूंढताहूँ ख़ुद को तेरी कवितांओ में
मै सुबह शाम
तू समज पायेगी या नही
ना जाने क्या होगा अंजाम !

एक ऐसा प्यार जो दिल से शुरू हुआ
बस्स उसकी दिल तक पहुँचे

संजय बनसोडे

" टिप - मित्रांनो मी हिंदीत कचा आहे काही शब्द चुकले असतील तर माफ करा "

Marathi Kavita : मराठी कविता

मेरा दिल चुराया तूने
« on: January 20, 2015, 06:05:36 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
नाऊ वजा आठ  किती ? (answer in English number):