Author Topic: मेनका  (Read 772 times)

Offline dattarajp

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मेनका
« on: March 01, 2015, 04:44:40 PM »
    मेनका

उनात हि अंधकार  का
तू मीठीत आसून  हि दूर का
मनास तुझे  वेढ का
तूच  माझी  मेनका
हो तूच माझी मेनका

मनात हया खंत का
तुज्या वीणा मी संत का
मनात ह्या तुझा गंध का
तूच मझी  मेनका
हो तूच माझी मेनका

मनात तुझे  वेड  का
सपनात  हे संसार का
प्रेमात  तुझ्या  अंगार  का
तूच माझी मेनका
हो तूच माझी मेनका


                  कवी
            बबलु  पिस्के
          9623567737
                उमरगा

Marathi Kavita : मराठी कविता

मेनका
« on: March 01, 2015, 04:44:40 PM »

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सुप्रिया

  • Guest
Re: मेनका
« Reply #1 on: March 09, 2015, 11:49:45 AM »

विश्वामित्र तुम्ही पण मी नच मेनका
सूर्य खचित तुम्ही पण मी नच तारका

 

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