Author Topic: साथ में चलते थे छुपते छुपाते  (Read 687 times)

Offline शितल

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  • हळुवार जपल्या त्या भावना….
साथ में चलते थे
छुपते छुपाते
युही दिल की बातों को
दिल में दबाते
वो अंजाने पल थे
थे रंगीन मौसम
कभी मिलते - बिछड़ते थे हसते - हसाते।

वो नजरोंका मिलना
दिलोंका धड़कना
कभी रुकते - कभी चलते थे रुठते - मनाते।
वो अंजाने पल थे
थे रंगीन मौसम
कभी मिलते - बिछड़ते थे हसते - हसाते।

तेरा गीत गुनगुनाना
मेरा उसपे यु शरमाना
युही जिते थे एकसाथ सुनते - सुनाते।
वो अंजाने पल थे
थे रंगीन मौसम
कभी मिलते - बिछड़ते थे हसते - हसाते।

किस मोड़ पे जाने
तन्हा हुए दिल
आज जिते हे दिन तेरी याद में बिताके।
वो अंजाने पल थे
थे रंगीन मौसम
कभी मिलते - बिछड़ते थे हसते - हसाते।


शितल ……



Marathi Kavita : मराठी कविता


 

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